सरयू नदी में हजारों लोगों ने डुबकी लगा कर पुण्य कमाया--
सूरज मिश्रा INewsUP कलवारी थानाक्षेत्र के ऐतिहासिक नौरहनी घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों ने पवित्र सरयू नदी में स्नान ध्यान कर गोदान किया। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से बड़े-बड़े यज्ञों को करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है। नौरहनी घाट पर विशाल मेले का आयोजन भी हुआ। प्रशासन के लोग भी मेले में मौजूद रहे। सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कुदरहा और बनकटी विकास क्षेत्र के कुदरहा, जिभियांव, मटियरिया, राजा टेगरिहा, हथियांव, रसूलपुर, उजियानपुर, छरदही, रघऊपुर, शिवपुर,धौरुखोर, महादेवा, बेहिल, गौरा धुंधा, जिगिना, लालगंज, बारीघाट, मुंडेरवा, बनकटी सहित सैकड़ो गांव के कई हजार लोग नौरहनी घाट पर पहुंचकर स्नान ध्यान कर गोदान किया। इस मौके पर विशाल मेले का आयोजन भी किया गया। थानाध्यक्ष कलवारी भानु प्रताप सिंह मय टीम मौके पर मौजूद रहे। क्षेत्र के वैदिक विद्वान और कथा वाचक आचार्य सूर्यकान्त ने बताया कि स्वयं नारायण ने भी कहा है कि माहों में मैं कार्तिक माह हूं। शास्त्रों में उल्लेख है कि स्वयं विष्णु जी ने ब्रह्मा जी को, ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को और नारद जी ने महाराज पृथु को कार्तिक मास का महात्म्य बताया। स्कंद पुराण के अनुसार जो प्राणी कार्तिक मास में प्रतिदिन स्नान करता है वह यदि केवल इन तीन तिथियों में सूर्योदय से पूर्व स्नान करें तो भी पूर्ण फल का भागी हो जाता है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों एवं तीर्थों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
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