इबादत और मगफिरत की रात के रूप में मनाई गई शबे बरात
ब्यूरो रिपोर्ट INewsUP
बनकटी बस्ती । शबे बारात को अकीदतमंदों ने इबादत की रात के रूप में मनाया और पूरी रात जाग कर मरहूमीन की मगफिरत व खुद की तरक्कियात तथा देश वासियों की खुशहाली के लिए रब की बारगाह में दुआएं मांगी और नजरो नियाज पेश किया । कुरआन पाक में आता है कि शबे बरात की रात बन्दों पर अल्लाह की रहमत बरसती है और आने वाले साल का हिसाब किताब भी आज ही की शब (रात) लिख दिया जाता है लिहाज़ा इस हिकमत वाली (रविवार की सूरज डूबने के बाद से सोमवार की सूरज निकलने से पहले) रात में शहर से लेकर गाँव तक कब्रिस्तानों और घरों में कुरआन शरीफ की तिलावत का सिलसिला चलता रहा और अकीदतमंद गुनाहों से तौबा तथा इस्तेगफार करते नजर आए । रविवार को शबे बारात के मौके पर क्षेत्र की कब्रिस्तानों व मजारों को लाइटों और झालरों से सजाया गया । जहां बाद नमाज मगरिब अपने नजदीकी कब्रिस्तानों में दफन मरहूमीन पूर्वजों व सगे संबंधियों को जहन्नम की आग और कब्र के अजाब जैसे सजाओं से निजात के लिए दुआएं की और उनके हक में नजरो नियाज पेश किया । मौलाना अब्दुर्रहमान बरकाती ने बताया कि इस रात रब की बारगाह में मांगी हुई सभी जायज़ दुआएं हर हाल में कबूल होती हैं और इंसान को जहन्नम (नर्क) से निजात का परवाना भी मिलता है । क्षेत्र के बनकटी, बजहाँ,डिवहारी, गुलौरा,पंखोबारी,नेवारी,देवमी,बरहुआँ,ख़िरहुआ,बाघापार,देउरी,जय विजय तथा थानाक्षेत्र के लालगंज कस्बा व महसों आदि गांव की कब्रिस्तानों में पूरी रात कुरआन की तिलावत व जिकरो तस्बीह किया गया । इस दौरान सुरक्षा व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत थानाध्यक्ष लालगंज जितेंद्र सिंह हमराहियों के साथ क्षेत्र के कब्रिस्तानों पर भ्रमणशील रहे । इलाके के मुसलमानों ने खुसूसी तौर पर मुल्क में अमनो सुकून की दुआ मांगी ।
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