छापेमारी कर जीएसटी कमिश्नर ने जब्त किया माल...
अजमेर अली INewsUP
गोरखपुर। राज्य कर विभाग के विशेष अनुसंधान शाखा (वि०अनु०शा०) रेन्ज-बी, गोरखपुर द्वारा केन्द्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत आयरन एवं स्टील से सम्बन्धित फर्म जो रघवापुर देवरिया, भारत पेट्रोल पम्प के पीछे स्थित है की डाटा एनालिसिस पर पाये गये प्रतिकूल तथ्यों के कारण उपायुक्त (वि०अनु०शा०) राज्य कर, रेन्ज-बी, गोरखपुर श्री सुनील कुमार वर्मा एवं संयुक्त आयुक्त (वि०अनु०शा०) राज्य कर रेन्ज-ए, श्री उदित नरायण सिंह द्वारा पिछले 1 वर्ष से रेकी की जा रही थी। श्री सिंह द्वारा मुखबिरों का जाल भी फैलाया गया था। तथा डाटा एनालिसिस करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि फर्म द्वारा वैध कारोबार करोड़ों रूपये का कारोबार किया जा रहा है परन्तु कैश के रूप में कोई कर जमा न करके मात्र आई०टी०सी० के माध्यम से ही कर सेटऑफ किया जा रहा है। मुखबिरों से यह सूचना प्राप्त हुई कि वैध कारोबार के आड़ में बिना प्रपत्रों के भी माल की बिना कर चुकाये खरीद बिक्रीकी जा रही है। उक्त तथ्यों के विश्लेषण के पश्चात अपर आयुक्त ग्रेड-1, गोरखपुर जोन गोरखपुर विमल कुमार राय के निर्देशन में अपर आयुक्त ग्रेड-2, राज्य कर गोरखपुर जोन गोरखपुर श्री संजय कुमार द्वारा दिनांक 31.03.2024 को उपायुक्त (वि०अनु०शा०) राज्य कर, रेन्ज-बी, गोरखपुर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन करते हुये INS-01 जारी किया गया । व्यापार स्थल की जाँच आज योजित की गयी, जिसके क्रम में सर्वप्रथम उपायुक्त (वि०अनु० शा०) सुनील कुमार वर्मा उपायुक्त विवेक मिश्रा एवं सहायक आयुक्त विकास कुमार द्विवेदी व्यापार स्थल पर पहुँचे। अपनी गाडी व्यापार स्थल से थोड़ी दूर आगे खड़ी करके उपायुक्त सुनील कुमार वर्मा एवं सहायक आयुक्त विकास कुमार द्विवेदी व्यापारी बनकर पहुँचे तथा गेट खुलवाने के बाद गाड़ी में उपस्थित उपायुक्त श्री विवेक मिश्रा को मय गाड़ी एवं पुलिस बल व्यापार स्थल पर पहुँचे। उसके बाद टीम में सम्मिलित अन्य सदस्यों जिसमें नीरज कुमार मौर्या, सहायक आयुक्त, जितेन्द्र कुमार रमन, सहायक आयुक्त, विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, प्रशान्त कुमार द्विवेदी, सहायक आयुक्त, अभिमन्यु पाठक, सहायक आयुक्त, गिरिजानन्दन सिंह, राज्य कर अधिकारी, प्रशान्त चौधरी, राज्य कर अधिकारी श्री अशोक कुमार पाण्डेय, राज्य कर अधिकारी, अंकित त्रिपाठी, राज्य कर अधिकारी भी सम्मिलित रहे, को तुरन्त टीम नेतृत्वकर्ता अधिकारी द्वारा व्यापार स्थल पर पहुँचने का निर्देश दिये गये, जिसके क्रम में जॉच टीम में सम्मिलित किये गये अन्य जाँच अधिकारी भी पाँच के मिनट के अन्दर व्यापार स्थल पर पहुँच गये। जाँच सुबह 11 से प्रारम्भ हुयी जो सायं 5:40 पर सम्पन्न की गयी। जाँच के दौरान व्यापार स्थल पर भौतिक रूप से उपलब्ध माल का सत्यापन व्यापारी नहीं करा सके, जिसके कारण पाये गये माल को जब्त करते हुए फर्म की अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के लिए दे दिया गया। जॉच के दौरान के दौरान व्यापारिक परिसर में बिहार राज्य का ट्रक खडा पाया गया, जिसमें HR SHEET लोड था इस संबंध में व्यापारी को प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके । इस वाहन को आनलाइन चेक करने पर यह पता चला कि इस पर ई-वे बिल अपलोड है परन्तु वह सम्बन्धित फर्म से न होकर किसी अन्य फर्म के नाम से प्रदर्शित हो रहा था, प्रपत्रों के सत्यापन के वाहन में उपलब्ध माल मय वाहन की जब्ती की कार्यवाही करते हुए इसे व्यापारिक अभिरक्षा में सुरक्षित रखने हेतु दे दिया गया।जाँच के समय पाये गये संदिग्ध अभिलेखों / प्रपत्रों को सीज करते हुए अग्रिम जाँच हेतु कार्यालय लाया गया, जिसकी जाँच की जा रही है। जाँच के दौरान व्यापारी द्वारा स्वेच्छा से DRC-03 के माध्यम से 44 लाख कर जमा किया गया है।
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