एक ऐसा अस्पताल जहां होता है शव का इलाज
अजमेर अली INewsUP
गोरखपुर । गोरखपुर जनपद में एक ऐसा अस्पताल है जहां मृत हो गए लोगो का भी इलाज किया जाता है। जी हां चौकिए नही, यह सौ प्रतिशत सत्य है।हम बात कर रहे है गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज तहसील के पास एक अस्पताल की जिस पर आरोप लगा है कि मृत महिला का इलाज बकायदा किया गया। बदले में परिजनों से दवा के रुपए भी लिए गए। जिसमे साथ दे रहा था मृतका का पति।आपको बता दे कि कुछ दिनो पूर्व कैंपियरगंज पुलिस को सूचना मिली कि कैंपियरगंज/फरेंदा के जंगल में एक एक्सीडेंट हो गया है जिसमें एक महिला बुरी तरह से घायल हो गई है। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती तब तक मृतका का पति महिला को कैंपियरगंज के सागर हॉस्पिटल में भर्ती किया। जहां पर आनन फानन में महिला का इलाज शुरू हो गया। महिला के मायके वालों को भी इस घटना की सूचना दे दी गई। जब महिला के मायके वाले अस्पताल पहुंचे तब मामला कुछ और ही निकल कर सामने आया। मृतका के भाई (जो कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर के निवासी है) ने कैंपियरगंज पुलिस को लिखित तहरीर दे कर अपने बहनोई के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। थाने को सूचना दी गई। जिसके बाद फरेंदा पुलिस मौके पर पहुंच कर घटना स्थल से रक्तरंजित लकड़ी और अन्य नमूने एकत्रित कर लिए।मृतका के भाई महेश यादव ने सागर हॉस्पिटल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सागर हॉस्पिटल के डाक्टरों की संवेदनाएं खत्म हो गई है। जो शव का इलाज कर रहे थे। जब मेरी बहन की मृत्यु जंगल में हो गई थी तो इन्हे इलाज करने की क्या आवश्यकता थी। और जब पुलिस द्वारा अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को देखने की बात की गई तो डाक्टरों द्वारा आनाकानी की गई। और मौका पाते ही सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया गया।सागर हॉस्पिटल पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। ये जो धरती के भगवान कहे जाते है। इस शब्द को भी ये बदनाम कर रहे है। इन लोगो को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि कोई भी दुबारा मानवता को शर्मसार करने की हिम्मत नही करे।
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