पुलिस की सुस्ती से गोसैसीपुर में नहीं हो पाई पैमाइश
संदीप चौरसिया INewsUP
कुदरहा बस्ती । कलवारी थाना क्षेत्र के गोसैसीपुर में 10 फरवरी को जमीन विवाद में बुजुर्ग की हुई हत्या के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर रखा है। मगर, पुलिस की सुस्ती के कारण गोसैसीपुर गांव में बंजर भूमि की पैमाइश नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि गांव में अब भी तनाव है। 22 आरोपियों में नौ की गिरफ्तारी हो पाई है। बचे आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस हाथ-पैर मार रही है। मगर, कामयाबी नहीं मिल पा रही है।एसडीएम सदर गुलाब चंद ने बताया कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून , गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की संस्तुति की गई है। पूरे गांव की बंजर भूमि की पैमाइश व घायलों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता की संस्तुति देते हुए एस्टीमेट मांगा था, मगर नहीं मिला। एसडीएम का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही कुछ हो सकता है। गांव की पैमाइश भी इसी नाते रुकी है। गोसैसीपुर निवासी राम मिलन चौधरी का गांव के ही हरिशंकर उर्फ रावण आदि से जमीन के लिए लंबे समय से विवाद चल रहा था। घर का प्लास्टर हो रहा था। 10 फरवरी को दोपहर मजदूरों के खाना खाने की छुट्टी होने पर राम मिलन, उनका बेटा विशाल और बहन माला घर पर मौजूद थी। दोपहर करीब 1:30 बजे गांव के ही 20-22 लोग कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा, फरसा आदि लेकर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उन लोगों ने विशाल को दौड़ा लिया। फरसे के वार कर उसके पैर का हिस्सा कट गया। शोर सुनकर विशाल के पिता राम मिलन और बुआ माला दौड़कर पहुंचीं। हमलावरों ने 56 वर्षीय राम मिलन और विशाल के पैर, पेट, कंधे व शरीर के अन्य हिस्से पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। तीनों घायलों को सीएचसी कुदरहा ले जाया गया, जहां राम मिलन को मृत घोषित कर दिया गया था।
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