करोड़ों की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड सुकान्ता बैनर्जी गिरफ्तार
अजमेर अली ब्यूरो चीफ -INewsUP
गोरखपुर। आम जनता की खून-पसीने की कमाई को दोगुना-तिगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। थाना रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपी सुकान्ता बैनर्जी पुत्र सुब्रत बैनर्जी, निवासी अर्वन एनआरआई आनंदपुर, टावर नंबर 7, फ्लैट 3505, रूबी हॉस्पिटल, कोलकाता को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से कई जनपदों में वांछित चल रहा था और उसके खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के गंभीर आरोप दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस टीम को इस बड़ी सफलता मिली। पुलिस के अनुसार सुकान्ता बैनर्जी खुद को "एजिस फिनकैप कंसलटेंट लिमिटेड" का चीफ कोऑर्डिनेटर और डायरेक्टर बताता था। वह आम निवेशकों को यह विश्वास दिलाता था कि उसकी कंपनी में 1 रुपये निवेश करने पर दो वर्षों में 100 रुपये तक का लाभ मिलेगा। इसी लालच में सैकड़ों लोग उसके जाल में फंस गए और भारी रकम उसके हवाले कर दी। जांच में पता चला कि कंपनी के नाम, रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, निवेश अनुबंध, सदस्यता पत्र और रसीदें तक पूरी तरह फर्जी और कूटरचित थीं। थाना रामगढ़ताल पर इस मामले में तीन मुकदमे क्रमशः मु0अ0सं0 750/2025, 760/2025 और 761/2025 दर्ज किए गए हैं, जिनमें IPC की धाराएं 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी शामिल हैं। इसके अलावा गोरखपुर और देवरिया में आरोपी के विरुद्ध कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। कई अन्य जनपदों में भी सुकान्ता की ठगी की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि सुकान्ता बैनर्जी संगठित आर्थिक अपराध नेटवर्क का हिस्सा है, जो विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाता था। आरोपी से पूछताछ में उसके सहयोगियों और इससे जुड़े बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है। पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए अब आगे की कार्यवाही में जुट गई है। गोरखपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसका सत्यापन अवश्य करें और किसी भी अनजानी या संदिग्ध कंपनी के झांसे में आने से बचें। पुलिस ने साफ कहा है कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी धोखाधड़ी पर लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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