नहाय खाय से शुरू हुआ छठ पूजा, महिलाएं व्रत रख पुत्रों के लंबी उम्र की करेंगी कामना

Nov 18, 2023 - 07:41
Nov 18, 2023 - 10:12
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नहाय खाय से शुरू हुआ छठ पूजा, महिलाएं व्रत रख पुत्रों के लंबी उम्र की करेंगी कामना
फल की दुकान पर बैठा फल व्यवसायी

व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद

संदीप चौरसिया INewsUP

कुदरहा, बस्ती। आस्था का महापर्व छठ को लेकर पूरे देश में तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। नदी और तालाबों के घाट पर श्रद्धालु छठ पूजन के लिए प्रतीकात्मक डेढ़ी बना कर अपना अपना स्थान सुरक्षित कर लिए हैं। बाजारों में भी छठ पूजा को लेकर के दुकानें सज गए हैं। बस्ती शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु छठ पूजा में शामिल होते हैं बस्ती शहर के दो घाटों पर छठ पूजा का सामूहिक आयोजन किया जाता है, पुरानी बस्ती क्षेत्र के निर्मली कुंड और कोतवाली थाना क्षेत्र के कुआनो घाट पर छठ पूजा का सामूहिक आयोजन किया जाता है। घर पर महिलाएं नहाए खाए के साथ पूजन अर्चन शुरू कर डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देती है, अगले दिन उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर छठ समापन किया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी तैयारी पूरी, सज गई फलों की दुकानें

जनपद के कुदरहा, दुबौलिया, हर्रैया, बभनान, बनकटी, मुंडेरवा, कप्तानगंज, रुधौली सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में छठ पर्व को मनाने की तैयारियां जोरो पर हैं। आगामी रविवार को महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी आयु के लिए व्रत रखेंगी। इस पर्व को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है । बस्ती जनपद का महादेवा बाजार फल कारोबारियों के लिए छठ पर्व एक अवसर लेकर आता है जिसे उनकी अच्छी खासी आमदनी हो जाती है। माताएं अपने पुत्रों लिये 36 घंटे तक व्रत रखकर 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करेंगी. सूर्य उपासना वाले इस पर्व को अनेक विधि विधान से पूर्ण करने की परंपरा है. जिसमें प्रसाद चढ़ाने से लेकर घाटों पर बेदिया बनाने, भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शामिल है। छठ पर्व को लेकर व्यापारियों ने अच्छे कारोबार की उम्मीद जताई है। फल व्यवसायी बुद्धिराम सोनकर ने बातचीत के दौरान बताया कि बिहार के साथ-साथ बस्ती और आसपास के जनपद में छठ पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है जिससे डलिया व अन्य पूजन सामग्री के साथ-साथ विशेष तौर पर प्रसाद सामग्री बनाने वाले सामानों की मांग अधिक बढ़ जाती है, जिसमें घी, तेल, फल, फूल, आटा प्रमुख तौर पर पूजन में इस्तेमाल होता है।

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