नहीं मिले रुपये, बिना स्वेटर, जूते-मोजे के स्कूल आ रहे बच्चे
इशिका गुप्ता INewsUP
बस्ती । ठंड शुरू हो गई है, लोगों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं लेकिन परिषदीय विद्यालयों के अधिकतर बच्चे बिना स्वेटर, जूते-मोजे के स्कूल आने के लिए मजबूर हैं। नवंबर माह बीत चुका है। अब तक अधिकतर बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में ड्रेस की धनराशि नहीं पहुंची है।जिले में 2206 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1430 प्राथमिक, 639 उच्च प्राथमिक व 317 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में करीब 1.96 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें करीब एक लाख, 58 हजार 91 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत स्वेटर, जूता-मोजा, ड्रेस खरीदने के लिए धनराशि मिल गए हैं। बाकी बच्चों के अभिभावकों के खाते में अब तक धनराशि नहीं पहुंची है। विभाग की माने तो 38 हजार से अधिक बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। कारण है कि कुछ ऐसे बच्चे हैं जिनका अब तक आधार नहीं बना या फिर उनका खाता सक्रिय नहीं है। बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि लगभग सभी बच्चों के खाते में स्वेटर, जूता- मोजा, ड्रेस खरीदने के लिए धनराशि भेजी गई है। इसमें कुछ ऐसे हैं जिनको पैसा तो मिल गए हैंं, लेकिन वह ड्रेस नहीं लिए। ऐसे में शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें यूनिफार्म खरीदने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, जिनका आधार नहीं बना है उनका आधार मिलने पर उन्हें डीबीटी का लाभ दिया जाएगा।
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